NCERT SOLUTIONS In Hindi

NCERT SOLUTION : SCIENCE 

NCERT SCIENCE FOR CTET / SUPERTET

                NCERT SOLUTION IN HINDI


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Here we're providing NCERT SOLUTION IN HINDI for better understanding of hindi medium students. You can read and learn complete NCERT SCIENCE FOR SUPERTET chapter- "Motion" in Hindi.




NCERT SCIENCE CHAPTER: MOTION

◆पाठ- गति


◆परिचय - गति (भौतिकी)


गति (Motion): 

जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में भी परिवर्तन करती है तो कहा जाता है कि वस्तु की गति में है | 
हमारे आस-पास गतिशील वस्तुओं के बहुत से उदाहरण है | 

जैसे - उड़ते हुए पक्षियों की गति, कार कि गति, धमनियों एवं शिराओं में रक्त की गति, दौड़ते हुए बालक की गति |



विस्थापन (Displacement):

किसी वस्तु के प्रारंभिक स्थिति तथा अंतिम स्थिति के बीच के न्यूनतम दुरी को वस्तु का विस्थापन कहते हैं | 

● परिमाण (Magnitiude): किसी भौतिक राशि के संख्यात्मक मान को इसका परिमाण कहते है | 

सदिश एवं अदिश राशि : 

◆सदिश राशि (Vector Quantity): वह भौतिक राशि जिसके परिमाण (maginitide) एवं दिशा (direction) दोनों होते हैं | उसे सदिश राशि कहते हैं |  
>उदाहरण: भार, विद्युत आवेश, वेग, बल, संवेग, विस्थापन आदि | 
●अदिश राशि (Scalar Quantity): वह भौतिक राशि जिसके केवल परिमाण () होता है दिशा नहीं होता है उसे अदिश राशि कहलाती है | 

 ●उदाहरण: भार , समय. क्षेत्रफल, आयतन, चाल, दुरी, ताप, घनत्व आदि | 

मूल-बिंदु(Origin): किसी वस्तु की स्थिति को बताने के लिए हमें एक निर्देश बिंदु कि आवश्यकता होती है, जिसे मूल बिंदु कहते हैं | 
जैसे - कोई आम बोल-चाल कि भाषा में कहता है की इस चौराहे से रेलवे स्टेशन 20 किलोमीटर उत्तर में हैं | 
तो यहाँ चौराहा मूल बिंदु है जो रेलवे स्टेशन की स्थिति को बता रहा है | 


●दुरी (Distance): किसी वस्तु द्वारा किसी समय अन्तराल में तय की गए मार्ग कि लम्बाई को उस वस्तु द्वारा चली गयी दुरी कहते है | 


●दुरी एवं विस्थापन का उपयोग: 

(i) दुरी एवं विस्थापन का प्रयोग वस्तु कि पूरी गति प्रक्रिया को व्यक्त करने में किया जाता है |
(ii) दिए गए समय में वस्तु कि प्रारंभिक स्थिति के सापेक्ष अंतिम स्थिति ज्ञात करने में किया जाता है | 
●दुरी (Distance): 

(i) यह वस्तु द्वारा तय किये गए मार्ग की कुल लम्बाई होती है | 
(ii) यह एक अदिश राशि है |
(iii) दुरी सदैव धनात्मक होती है | 
(iv) यह विस्थापन से बड़ा या बराबर होती है | 
(v) यह मार्ग कि लम्बाई पर निर्भर करता है | 

●विस्थापन (Displacement): 
(i) यह वस्तु की प्रारंभिक स्थिति तथा अंतिम स्थिति के बीच कि न्यूनतम दुरी होती है | 
(ii) यह एक सदिश राशि हैं | 
(iii) विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक एवं शून्य भी हो सकता है | 
(iv) यह दुरी से छोटा अथवा बराबर होता है | 
(v) यह मार्ग कि लंबाई पर निर्भर नहीं करता है | 


●एकसामान गति : 
जब कोई वस्तु समान समयांतराल में सामान दुरी तय करती है तो उसकी गति को एकसामान गति कहते हैं | 


●असमान गति : 
जब कोई वस्तु सामान समयांतराल में असमान दुरी तय करती है तो इस प्रकार कि गति को असमान गति कहते हैं | 

●चाल (speed) : किसी वस्तु द्वारा इकाई समय में तय कि गयी दुरी को चाल कहते है | 
चाल का मात्रक मीटर (m) प्रति सेकेंड है | 
चाल के अन्य मात्रक है, सेंटीमीटर प्रति सेकंड है एवं किलोमीटर प्रति घंटा |  
चाल एक अदिश राशि है | 
यह सदा धनात्मक होता है | 
वस्तु कि गति को व्यक्त करने के लिए हमें केवल उसके परिमाण कि आवश्यकता होती है | दिशा कि कोई आवश्यकता नहीं होती है | 
अधिकतर अवस्थाओं में वस्तुएँ असमान गति करती करती हैं | ऐसी वस्तुओं कि गति कि दर ज्ञात करने के लिए औसत चाल ज्ञात करते हैं | 


●वेग (Velocity) : 
जब कोई राशि किसी वस्तु की चाल में परिमाण के साथ-साथ दिशा को भी व्यक्त करे तो ऐसे चाल को वेग कहते है | 

●परिभाषा : एक निश्चित दिशा में वस्तु कि चाल को वेग कहते है | 


वेग का मात्रक मीटर प्रति सेकंड m s-1 या m/s होता है | 
किसी वस्तु का वेग समान एवं असमान हो सकता है | 
वेग एक सदिश राशि है | 
इसमें वस्तु की चाल निश्चित दिशा में होता है | 
जब एक वस्तु सीधी रेखा में बदलती हुई चाल के साथ गति कर रही है ती हम इसकी गति कि दर के परिमाण को औसत वेग के रूप में व्यक्त करते हैं | 


●वेग के प्रकार: 
(A) एकसमान वेग (uniform velocity): जब कोई वस्तु समान समयांतराल में समान विस्थापित होती है, तो वस्तु के इस प्रकार के वेग को एकसमान वेग कहते है | 
(B) असमान वेग (Non-uniform velocity): जब कोई वस्तु समान समयांतराल में असमान विस्थापित होती है, तो वस्तु के इस प्रकार के वेग को असमान वेग कहते है | 
(C) औसत वेग (Average velocity):  किसी गतिमान वस्तु का औसत वेग उसके प्रारंभिक वेग और उसके अंतिम वेग का अंकगणितीय माध्य होता है | 
●चाल (speed): 
(i) यह इकाई समय में वस्तु वस्तु द्वारा तय दुरी है |
(ii) यह एक अदिश राशि है |
(iii) किसी गतिमान वस्तु का औसत चाल शून्य नहीं हो सकता है | 
(iv) किसी वस्तु कि चाल हमेशा धनात्मक होता है |

●वेग (velocity): 
(i) यह इकाई समय में वस्तु द्वारा तय विस्थापन होता है | 
(ii) यह एक सदिश राशि है | 
(iii) किसी गतिमान वस्तु का औसत वेग शून्य हो सकता है | 
(iv) किसी वस्तु का वेग धनात्मक, ऋणात्मक अथवा शून्य हो सकता है |


पाठगत हल प्रश्न (NCERT IN-TEXT QUESTIONS SOLVED)

NCERT पाठ्यपुस्तक -

प्र० . एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है? अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण के द्वारा समझाएँ।
उत्तर- हाँ, इसका विस्थापन शून्य हो सकता है।
उदाहरण – मान लीजिए, एक वस्तु बिंदु 0 से चलकर बिंदु A पर पहुँचता है तथा वापस बिंदु 0 पर आ जाता है तब प्रारंभिक तथा अंतिम बिंदु के बीच की न्यूनतम दूरी अर्थात विस्थापन = 0 (शून्य) होगा।

प्र० . एक किसान 10 m की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर 40 s में चक्कर लगाता है। 2 मिनट (minute) 20 s के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?
उत्तर- वर्गाकार खेत का परिमाप = 4 x एक भुजा



प्र० . विस्थापन के लिए निम्न में कौन सही है? (a) यह शून्य नहीं हो सकता है। (b) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है। उत्तर- (a) असत्य (b) असत्य

प्र० . किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा? उत्तर- औसत वेग का परिमाण औसत चाल के बराबर तब होगा जब वस्तु एक सीधी रेखा में एक ही दिशा में गति कर रही हो।

प्र० . जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है? उत्तर- एक सीधी सरल रेखा (Straight line)।


प्र० . एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है? उत्तर- किसी गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी।



प्र० . एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में 5 मिनट का समय लगता है। पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी क्या है? (सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = 3 x 108 ms-1) उत्तर- सिग्नल की चाल = 3 x 108 ms-1 सिग्नल को पृथ्वी तक पहुँचने में लगा समय = 5 मिनट = 5 x 60 = 300 second पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से अंतरिक्षयान की दूरी = चाल x समय = 3 x 108 x 300 = 9 x 1010 मीटर


प्र० . निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्थाएँ संभव हैं तथा प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें: (a) कोई वस्तु जिसको त्वरण नियत हो परंतु वेग शून्य हो। (b) कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में गति कर रही हो तथा त्वरण उसके लंबवत् हो। उत्तर- (a) हाँ, स्थिति संभव है। उदाहरणः जब किसी वस्तु को ऊपर फेंका जाता है तो अधिकतम ऊँचाई पर इसका वेग शून्य हो जाता है, परंतु त्वरण का मान स्थिर (नियत) 9.8 m/s2 या 10 m/s ही रहता है। (b) हाँ, यह स्थिति भी संभव है। जब वस्तु किसी वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल से गति करती है तो इसके गति की दिशा स्पर्शरेखा के अनुदिश होती है परंतु उस क्षण त्वरण केंद्र की ओर त्रिज्या के अनुदिश लगता है जो एक-दूसरे के लंबवत् होती है। अर्थात त्रिज्या ⊥r स्पर्श रेखा।


प्र० . एक ट्रॉली एक आनत तल पर 2 ms-2 के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के 3 s के पश्चात् उसका वेग क्या होगा? उत्तर- a = 2 m/s2 t = 3s v = ? u = 0 v = u + at = 0 + 2 x 3 v = 6 m/s प्र० . एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण 4 ms-2 है। गति प्रारंभ करने के 10 s पश्चात् वह कितनी दूरी तय करेगी? उत्तर- a = 4 m/s² t = 10 s s = ? u = 0 s = ut + at² = 0 x 10 + x 4 x (10)² = 0 + x 4 x 100 s = 200 m अतः कार के द्वारा 10s में तय की गई दूरी 200 m.


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